joharcg.com सिलफिली क्षेत्र की मंडी में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर व्यापारियों, किसानों और स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जनप्रतिनिधि श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने त्वरित पहल की, जिसके बाद मंडी परिसर में कई जरूरी व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। उनकी सक्रियता से क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
बताया जा रहा है कि सिलफिली मंडी में बारिश के दिनों में जलभराव, खराब सड़क, पेयजल समस्या और पर्याप्त शेड की कमी के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता था, वहीं व्यापारियों को भी आवागमन और भंडारण से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ रही थीं।
इन समस्याओं की जानकारी मिलते ही श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों के साथ मंडी परिसर का निरीक्षण किया और मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मंडी में मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के दौरान सड़क मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था सुधारने, अतिरिक्त शेड निर्माण तथा पेयजल सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, इसलिए उन्हें सुविधाजनक और सुरक्षित बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी में जो भी आवश्यक कार्य हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा।
मंडी के व्यापारियों और किसानों ने श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया गया है। किसानों का कहना है कि यदि मंडी में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो उन्हें फसल बेचने में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि मंडी परिसर में साफ-सफाई अभियान भी चलाया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही, भविष्य में मंडी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से सिलफिली मंडी की व्यवस्थाएं पहले से अधिक बेहतर होंगी और किसानों को सुगम वातावरण में अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।

