धमतरी सुशासन तिहार

joharcg.com सशक्त सुशासन 2026 के अंतर्गत धमतरी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक 8,500 से अधिक जनसमस्याओं का ऑन-स्पॉट निपटारा किया जा चुका है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों लोगों को बिना किसी लंबी प्रक्रिया के तत्काल राहत मिली है।

जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें राजस्व प्रकरण, राशन कार्ड, पेंशन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से शामिल रहीं। प्रशासन द्वारा अधिकांश मामलों का समाधान शिविर स्थल पर ही किया गया, जबकि जटिल मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजा गया।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि ‘सुशासन तिहार’ का उद्देश्य शासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। इसके तहत अधिकारी स्वयं गांवों और वार्डों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।

शिविरों में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की समस्याओं को विशेष प्राथमिकता दी गई। कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लोग वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा था। ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से ऐसे प्रकरणों का मौके पर निराकरण होने से लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी देखने को मिली।

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार अधिकारी उनके गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं। कई गांवों में पेयजल पाइपलाइन, सड़क मरम्मत और बिजली से जुड़े छोटे-छोटे कार्यों को तुरंत स्वीकृति देकर काम शुरू कराया गया। इससे लोगों को सीधे तौर पर राहत मिल रही है।

जिला प्रशासन ने शिविरों में डिजिटल व्यवस्था भी लागू की है, जिससे शिकायतों की ऑनलाइन एंट्री और ट्रैकिंग की जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और शिकायतकर्ता अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त कर पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों के समाधान के लिए समय-सीमा तय की गई है, ताकि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।