joharcg.com छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर अंचल में वर्षों से चिकित्सा सेवा और मानवता की मिसाल पेश कर रहे पद्मश्री सम्मानित डॉ. गोडबोले दंपति का आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोडबोले दंपति ने कठिन परिस्थितियों में भी बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अलख जगाकर समाज के सामने सेवा और समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बस्तर जैसे वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन डॉ. गोडबोले दंपति ने निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर हजारों जरूरतमंदों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई। उनका योगदान केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने जनजागरूकता और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी लोगों का विश्वास जीता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. गोडबोले दंपति ने वर्षों तक आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने का जो कार्य किया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका समर्पण और सेवा भावना अद्वितीय रही है। यही कारण है कि उन्हें पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया।
श्री चौधरी ने कहा कि समाज में ऐसे व्यक्तित्व विरले होते हैं, जो सेवा को ही अपना जीवन उद्देश्य बना लेते हैं। गोडबोले दंपति ने चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम बनाया। उनके कार्यों ने यह सिद्ध किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों से डॉ. गोडबोले दंपति के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी गोडबोले दंपति के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज सेवा का सच्चा प्रतीक बताया। आत्मीय सम्मान और अभिनंदन के इस अवसर पर सेवा, समर्पण और मानवता की भावना का विशेष वातावरण देखने को मिला।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अंत में कहा कि डॉ. गोडबोले दंपति का जीवन आने वाली पीढ़ियों को मानव सेवा और समाजहित के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। उनका योगदान बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

