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joharcg.com छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए दोहरी उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता ने न केवल राज्य का गौरव बढ़ाया है, बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ की सकारात्मक पहचान को भी मजबूत किया है।

हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए। यह उपलब्धि राज्य की नीतियों, योजनाओं और समर्पित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता केवल सरकारी प्रयासों का ही नहीं, बल्कि आम जनता, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग का भी नतीजा है। राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है।

इन उपलब्धियों के पीछे राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां और प्रभावी क्रियान्वयन अहम भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है।

राज्य के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए इसे आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा बताया है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि भविष्य में और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।

छत्तीसगढ़ की यह दोहरी उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है। आने वाले समय में राज्य इसी तरह विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।

BIHAN मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।