सुशासन तिहार

johatcg.com रायपुर। सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती देते हुए बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को 19 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस पहल से हजारों महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और आयवर्धन गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकासखंडों और जिलों की महिला समूहों को वित्तीय सहायता, ऋण वितरण और आजीविका संवर्धन से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए गए। इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

सुशासन तिहार शिविर में वितरित की गई आर्थिक सहायता का उपयोग महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, डेयरी, लघु उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, किराना व्यवसाय तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के विस्तार में कर सकेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह आज ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला बन चुके हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक स्तर पर भी उनकी भागीदारी बढ़ी है। वित्तीय सहायता मिलने से वे अपने व्यवसाय को और अधिक संगठित तथा लाभकारी बना सकेंगी।

बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से उन्हें अपने कार्यों का विस्तार करने और नए रोजगार अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। कई समूहों ने बताया कि पूर्व में प्राप्त सहायता से उन्होंने सफल उद्यम स्थापित किए हैं और अब अतिरिक्त वित्तीय सहयोग से उत्पादन तथा आय में वृद्धि की नई संभावनाएं खुलेंगी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक विकास की सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी सोच के साथ वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, विपणन सहायता और उद्यमिता प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे नागरिकों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। महिला समूहों को दी गई यह आर्थिक सहायता ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से उन्हें अपने सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ऊर्जा मिली है। 19 करोड़ रुपये से अधिक की यह सहायता प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।