बलात्कार के आरोपी आईएएस की तलाश में पुलिस की छापेमारी, घर पर नहीं मिले

पाठक, पत्नी को पुलिस ने कहा- पाठक को थाने भेजे

रायपुर – जांजगीर के पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक की तलाश में पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। रविवार को इसी सिलसिले में पुलिस पाठक के रायपुर, डंगनिया के घर भी पहुँची। पुलिस का कहना है कि पाठक के कई घर हैं, और वहां उनकी पत्नी को भी कहा गया है कि वे पाठक को जांच के लिए पुलिस थाने भेजें।
उल्लेखनीय है जांजगीर कलेक्टर रहे पाठक पर एक दलित महिला ने कलेक्टोरेट के कलेक्टर चैम्बर के भीतर दिन दहाड़े बलात्कार की पुलिस रिपोर्ट लिखाई थी. उस पर जुर्म कायम करके जांजगीर पुलिस वहीं के पिछले हफ्ते तक के कलेक्टर की तलाश में नोटिस चिपका रही है, छापे मार रही है।
एनजीओ को काम दिलाने का प्रलोभन देकर एक शिक्षा कर्मी की पत्नी के साथ सम्पर्क करने और बाद में धमकाकर रेप करने के आरोप में जांजगीर कोतवाली थाने में 3 जून को जांजगीर के पूर्व कलेक्टर पाठक के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। आरोप है कि कलेक्टर ने पीडि़ता को कॉल किया, अश्लील मैसेज और वीडियो फुटेज भेजे और कई अनुचित मांगें भी वाट्स एप के जरिये की। पीडि़ता के पति की नौकरी छीन लेने के नाम पर उसे डराया गया और कलेक्ट्रेट के अपने चैम्बर के विश्राम कक्ष में उसके साथ रेप किया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना 15 मई की है। उस समय पाठक जांजगीर में कलेक्टर थे, इसलिये वह रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।


उल्लेखनीय है जांजगीर कलेक्टर रहे पाठक पर एक दलित महिला ने कलेक्टोरेट के कलेक्टर चैम्बर के भीतर दिन दहाड़े बलात्कार की पुलिस रिपोर्ट लिखाई थी. उस पर जुर्म कायम करके जांजगीर पुलिस वहीं के पिछले हफ्ते तक के कलेक्टर की तलाश में नोटिस चिपका रही है, छापे मार रही है।
एनजीओ को काम दिलाने का प्रलोभन देकर एक शिक्षा कर्मी की पत्नी के साथ सम्पर्क करने और बाद में धमकाकर रेप करने के आरोप में जांजगीर कोतवाली थाने में 3 जून को जांजगीर के पूर्व कलेक्टर पाठक के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। आरोप है कि कलेक्टर ने पीडि़ता को कॉल किया, अश्लील मैसेज और वीडियो फुटेज भेजे और कई अनुचित मांगें भी वाट्स एप के जरिये की। पीडि़ता के पति की नौकरी छीन लेने के नाम पर उसे डराया गया और कलेक्ट्रेट के अपने चैम्बर के विश्राम कक्ष में उसके साथ रेप किया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना 15 मई की है। उस समय पाठक जांजगीर में कलेक्टर थे, इसलिये वह रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।

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