अबूझमाड़ के 17 हजार 900 बच्चों, गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के पोषण का रखा जा रहा ख्याल : घर पहुंचाया जा रहा हेल्दी रेडी-टू-ईट फूड

रायपुर – पूरा देश कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से लड़ रहा है। वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में सभी आंगनबाड़ी केन्द्र भी अस्थायी रूप से बंद है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण का पूरा ध्यान रख रही है। दूरस्थ नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र के नारायणपुर जिले में भी 19 महिला स्वसहायता समूह और आगंनबाड़़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों, गर्भवती-शिशुवती महिलाओं को उनके घर-घर जाकर हेल्दी रेडी-टू-ईट फूड का सफलता के साथ वितरण कर रही हैं। साथ ही वह कोरोना वायरस से बचाव के प्रति बच्चों और महिलाओं के साथ ग्रामीणों को भी जागरूक करने में पूरा सहयोग कर रही हंै। बच्चों को साफ-सफाई, हाथ धोने एवं सोशल डिस्टेंसिंग(सामाजिक दूरी) रखने के बारे में बता रही है।

    जिले की 556 आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज बच्चों, गर्भवती और शिशुवती समेत कुल 17 हजार 918 हितग्राहियों को हेल्दी रेडी-टू-ईट फूड घर-घर जाकर दिया जा रहा है। इससे पहले सभी लोगों को एक-एक सप्ताह का फूड भी दिया गया है। जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री रविकांत धु्रर्वे ने बताया कि अप्रेल माह में भी सभी 17 हजार 918 महिलाओं और बच्चों को एक-एक माह का हेल्दी रेडी-टू-फूड का वितरण किया जाएगा। उन्होनंे बताया कि जिले में 6 माह से 36 माह के सामान्य बच्चों की संख्या 6 हजार 287, छः माह से 36 माह के गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या 1 हजार 731 और 3 वर्ष से 6 साल के सामान्य बच्चों की संख्या 5 हजार 959 और इसी आयु वर्ग के गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या एक हजार 46 है। इन सभी को पौष्टिक रेडी-टू-ईट उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही एक हजार 513 गर्भवती महिलाओं और एक हजार 382 शिशुवती महिलाओं को भी हेल्दी रेडी-टू-फूड एक-एक माह का प्रदाय किया जाएगा। बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।