छत्तीसगढ़ सरकार ने दी बिल्डारों को राहत भरी खबर

लॉकडाउन के बाद रियल इस्टेट में मजदूरों और अन्य दिक्कतों को देखते हुए रेरा ने बिल्डरों को बड़ी राहत दी है। बताया गया कि प्रदेश के 6 सौ से अधिक प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि 6 माह के लिए बढ़ा दी गई है।
केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन के बाद रियल इस्टेट क्षेत्र में आ रही दिक्कतों को देखते हुए बिल्डरों को परियोजना पूरी करने की समय सीमा में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। केन्द्र सरकार की एडवाइजरी के बाद छत्तीसगढ़ रेरा ने बिल्डरों को राहत देने की दिशा में पहल की है और लंबित प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा बढ़ाई है। रेरा चेयरमैन विवेक ढांड और सदस्य एनके असवाल व आरके टम्टा ने केन्द्र की एडवाइजरी का पालन करने के आदेश दिए हैं।
कहा कि बिल्डरों को 25 मार्च या उसके बाद प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा 6 माह के लिए बढ़ाई गई है। यानी कोई प्रोजेक्टस 2021-22 में भी पूरा होना है, उसमें भी 6 माह की बढ़ोत्तरी की गई है। प्रदेश रेरा में कुल 1123 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हैं। जिनमें से 6 सौ से अधिक प्रोजेक्ट्स 25 मार्च के बाद पूरे होने वाले थे। लॉकडाउन की वजह से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। मजदूरों और अन्य दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इनमें से सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जिले के हैं। इसके लिए बिल्डरों को किसी तरह का आवेदन नहीं देना होगा, बल्कि स्वयमेव तिथि में बढ़ोत्तरी की गई है।
सूत्रों के मुताबिक रेरा ने बिल्डरों को एक और राहत दी है जिसमें उन्हें विवरणी जमा करने का समय तीन माह और समय दिया गया है। बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट को लेकर विवरणी देना होता है जिसमें मौजूदा स्थिति का उल्लेख रहता है। इसमें भी तीन माह का बढ़ोत्तरी की गई है। इससे बिल्डरों को बड़ी राहत मिली है।
रेरा ने बिल्डरों और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए और सामाजिक और शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन करने के लिए ठोस पहल की है। अब सुनवाई वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए हो रही है। बिलासपुर हाईकोर्ट में वीडियो कॉफ्रेंस कर सुनवाई हो रही है। कुछ इसी तरह की सुनवाई अब रेरा में भी हो रही है। रेरा ने दिल्ली हाईकोर्ट की तर्ज पर वे-बैक्स तकनीक के जरिए सुनवाई शुरू हुई। चिप्स के सहयोग से रेरा में वे-बैक्स तकनीक से सुनवाई की व्यवस्था की गई है। इसमें पक्षकारों को सशरीर उपस्थित नहीं होना है, बल्कि वे मोबाइल से भी सीधे जुड़ सकते हैं। वे सभी को देख और सुन सकते हैं। देश में पहली बार किसी रेरा ने इस तरह का प्रयोग किया है। इसकी सराहना भी हो रही है।