कवर्धा पैलेस, कवर्धा

Kawardha Palace

Kawardha Palace कवर्धा महल छत्तीसगढ़ के तत्कालीन शासकों द्वारा बनाये गए शाही महलों में से एक है जहां पर्यटकों का शानदार आतिथ्य व स्वागत किया जाता है, पर्यटकों को शानदार महलों में शाही आतिथ्य का अनुभव होता है। कवर्धा महल छत्तीसगढ़ के ऐसे महलों में से एक है जो रियासतकालीन युग की झलक प्रदान करती है। कवर्धा पैलेस को 1936-39 की अवधि में महाराजा धर्मराज सिंह जी द्वारा बनाया गया था। 1991 में महाराजा योगेश्वर राज सिंह जी ने इस महल को शाही होटल का रूप दिया एवं व्यावसायिक गलियारों, आवासीय रिसोर्ट और आंगन व छोटे पर्छियों के साथ पुनर्निर्मित किया। मंत्रमुग्ध कर देने वाली इस इमारत में मुगल, इतालवी और औपनिवेशिक कालीन वास्तुकला के शैलियों का मिश्रण है। महल के अंदर भव्य सीढ़ियां और वृहद् बरामदा पर्यटकों के पढ़ने, आराम करने या एकांत की अनुभूति के लिए निर्बाद है । शाही परिवार का निजी निवास महल के ऊपरी मंजिल में होने के कारण मेहमानों अथवा पर्यटकों के लिए वहां जाना प्रतिबंधित है | इसके अलावा मुख्य शाही दरबार हॉल, नक्काशीदार विशाल स्तंभों से सुसज्जित कमरा आदि अतिथियों के लिए खुले रहते हैं ।

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