joharcg.com छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नवनिर्माण में पसीना बहाने वाले श्रमिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए ‘विकास की नींव रखने वाले हाथों का सम्मान’ अभियान की शुरुआत की है। इस गरिमामय कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को खड़ा करने वाले राजमिस्त्रियों, निर्माण श्रमिकों और मेहनतकश मजदूरों को सम्मानित कर उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): किसी भी राज्य की प्रगति की चमक के पीछे श्रमिकों का अदृश्य योगदान होता है। उन्हें सम्मानित करने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि यह सुनिश्चित होता है कि सरकार की पेंशन, बीमा और शिक्षा सहायता जैसी योजनाओं का लाभ उन्हें सम्मानजनक तरीके से मिले।
पसीने की हर बूंद का सम्मान करेगी सरकार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों ने कहा कि आलीशान भवनों, चौड़ी सड़कों और बड़े बांधों की नींव रखने वाले ये श्रमिक ही असल ‘राष्ट्र निर्माता’ हैं। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशों के पालन में अब विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि इन श्रमिकों को केवल मजदूरी न मिले, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानित स्थान भी प्राप्त हो। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले दर्जनों श्रमिकों को प्रशस्ति पत्र और सुरक्षा किट प्रदान की गई।
सरकार ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि श्रमिकों का पंजीकरण अब और भी सरल बनाया जाएगा ताकि साइकिल सहायता, सिलाई मशीन योजना और बच्चों की छात्रवृत्ति सीधे उनके पास पहुंच सके। “विकास की नींव रखने वाले हाथ” भूखे न रहें और उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में न जाए, इसके लिए राज्य सरकार ने कई नए प्रावधान लागू किए हैं। प्रशासन अब सीधे कार्यस्थलों पर जाकर श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करने की योजना बना रहा है।

जगदलपुर के स्थानीय वीर सावरकर भवन में शुक्रवार को निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है।
उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। श्री कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

