joharcg.com सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सुशासन तिहार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका मौके पर समाधान किया जा रहा है। इससे आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और गंभीरता दिखाई जाए।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाकर लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, बिजली और राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन भी स्वीकार किए गए। कई मामलों में तत्काल समाधान भी किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है।

इस अवसर पर कई हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया गया। लोगों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंच रहा है, जिससे समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है और इसी विश्वास को मजबूत बनाने के लिए सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

