सुशासन शिविर

joharcg.com जिले के ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित सुशासन शिविर में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर के दौरान लगभग 850 ग्रामीणों ने नशामुक्ति की शपथ लेकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और लोगों को स्वस्थ एवं जागरूक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

शिविर का आयोजन जिला प्रशासन एवं पंचायत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं, जिससे कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। युवाओं ने विशेष रूप से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। महिलाओं ने भी नशे के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने की बात कही।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से नशे से होने वाली बीमारियों के संबंध में जागरूकता सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। शिविर में आयुष्मान कार्ड, पेंशन, राशन कार्ड एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का भी समाधान किया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि नशे की वजह से परिवारों में विवाद और आर्थिक समस्याएं बढ़ रही थीं, लेकिन अब जागरूकता अभियान से लोगों में बदलाव देखने को मिल रहा है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता शिविर आयोजित करने की बात कही, ताकि समाज को नशे की बुराइयों से बचाया जा सके और स्वस्थ वातावरण का निर्माण हो सके।