समाज कल्याण योजनाओं

joharcg.com छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं आज समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का मजबूत आधार बन रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवा महिलाओं और निराश्रित व्यक्तियों के लिए पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से नियमित आर्थिक सहायता मिलने से लाभार्थियों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहूलियत मिल रही है। इससे उनमें सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और दूसरों पर निर्भरता भी कम हुई है।

दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण, छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन प्रयासों से दिव्यांगजन आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्रम सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा कई योजनाएं लागू की गई हैं। विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इससे महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।

विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया है। ऑनलाइन पंजीयन, सीधे बैंक खातों में सहायता राशि का अंतरण और निगरानी प्रणाली से भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं। इससे लाभार्थियों का सरकार पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।