joharcg.com राजनीतिक हलचल के बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के संयुक्त महामंत्री ने महापौर पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। इस कदम ने राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दी है और आगामी नगर निगम चुनावों में हलचल मचा दी है।
महामंत्री ने सोमवार को महापौर पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह जनता के लिए काम करने के उद्देश्य से इस चुनाव में भाग ले रहे हैं। उनका मानना है कि पार्टी के भीतर के राजनीतिक विवादों के बावजूद, उनका उद्देश्य केवल शहर के विकास और नागरिकों की बेहतरी के लिए है।
नामांकन दाखिल करने के बाद, उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि जनसेवा के लिए आया हूं। निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय मैंने इसलिए लिया ताकि मैं किसी पार्टी के दबाव में न रहकर स्वतंत्र रूप से जनता के हित में निर्णय ले सकूं।”
इस कदम से कांग्रेस पार्टी में भी हलचल मच गई है, क्योंकि पीसीसी के संयुक्त महामंत्री का पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरना एक अप्रत्याशित कदम था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय से पार्टी में भीतरघात की संभावना बढ़ सकती है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह कदम पार्टी की नीति से जुड़ा हुआ है या किसी व्यक्तिगत कारणों के चलते लिया गया है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय चुनावी परिदृश्य में एक नया मोड़ ला सकता है और महापौर पद के लिए चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उनके नामांकन से चुनावी मैदान में क्या नया ट्विस्ट आता है और किसे इस चुनाव में जनता का समर्थन मिलता है।
मनेंद्रगढ़। पीसीसी की संयुक्त महामंत्री और वरिष्ठ नेत्री बबीता सिंह ने चिरमिरी से निर्दलीय महापौर प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। बबीता सिंह पिछले दो दशक से कांग्रेस में सक्रिय हैं और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की करीबी मानी जाती हैं। उनकी जेठानी स्व. सुभाषिनी सिंह चिरमिरी की पहली महापौर रह चुकी हैं।
पिछले चुनाव में भी बबीता महापौर पद की दावेदार थीं, लेकिन तत्कालीन विधायक विनय जायसवाल ने अपनी पत्नी को महापौर बनवा दिया था। पार्टी द्वारा पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल को टिकट दिए जाने से नाराज बबीता ने कहा कि, कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं है।
वरिष्ठ नेत्री बबीता सिंह ने आरोप लगाया कि, चिरमिरी कांग्रेस एक व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द सीमित हो गई है। पहले विधायक फिर उनकी पत्नी को महापौर और अब फिर पूर्व विधायक को महापौर का टिकट देना अन्य कार्यकर्ताओं का अपमान है। बबीता ने यह भी आरोप लगाया कि, भाजपा ने जायसवाल का रास्ता साफ करने के लिए डमी उम्मीदवार खड़ा किया है। 2028 में भी कांग्रेस जायसवाल दंपति को ही विधानसभा प्रत्याशी बनाएगी।