joharcg.com वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार और निबंधकार डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके साहित्यिक योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. बख्शी हिंदी साहित्य के ऐसे युगप्रवर्तक साहित्यकार थे, जिनकी रचनाएं आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रही हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने हिंदी गद्य साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके विचार, लेखन शैली और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं माना, बल्कि समाज जागरण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त उपकरण बनाया।
श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है, जिनमें डॉ. बख्शी का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना को समृद्ध किया। उनका साहित्य आज भी प्रासंगिक है और नई पीढ़ी को ज्ञान तथा संस्कार प्रदान करता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि डॉ. बख्शी का जीवन साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनकी रचनाओं में भारतीय जीवन दर्शन, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने युवाओं से उनके साहित्य का अध्ययन करने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। महान साहित्यकारों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जयंती के अवसर पर डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहित्य और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उनकी अमूल्य साहित्यिक धरोहर हिंदी साहित्य जगत के लिए सदैव मार्गदर्शक बनी रहेगी।

