वित्त मंत्री ओपी चौधरी

joharcg.com राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मटनार बैराज परियोजना का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समय-सीमा और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि मटनार बैराज परियोजना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधा को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र में जल प्रबंधन को भी बेहतर बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

मंत्री ने निर्माण स्थल का दौरा करते हुए तकनीकी अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मटनार बैराज परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार इसे पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद आसपास के कई गांवों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

वित्त मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने परियोजना से मिलने वाले संभावित लाभों को लेकर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे उनकी खेती को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कुछ स्थानीय मुद्दों को भी मंत्री के समक्ष रखा, जिनके निराकरण के लिए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने परियोजना को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का भरोसा दिलाया।

अंत में, ओपी चौधरी ने कहा कि मटनार बैराज परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह परियोजना राज्य में जल संसाधन प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।