हसदेव नदी, छत्तीसगढ़

Hasdev River Chhattisgarh

Hasdev River Chhattisgarh यह महानदी की दूसरी सबसे लंबी सहायक नदी है तथा कोरबा के कोयला क्षेत्र में तथा चांपा मैदान में प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदी है। यह नदी कोरिया जिले की देवगढ़ की पहाड़ी, कैमूर पर्वत से निकलकर कोरबा, जांजगीर-चांपा जिलों में बहती हुई शिवरीनारायण से पहले महानदी में मिल जाती है। हसदो का अधिकांश प्रवाह क्षेत्र ऊबड़-खाबड़ है। गज,अहिरण, जटाशंकर,चोरनई,तान,झिंग और उत्तेग नदी हसदेव नदी की प्रमुख सहायक नदियां हैं| पीथमपुर (जांजगीर चांपा) हसदेव नदी के तट पर ही स्थित है| इस नदी पर कोरबा में हसदोव बांगो परियोजना (मिनीमाता परियोजना 1967) संचालित है तथा इस नदी पर छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा बांध (87 मीटर) बनाया गया है |इसकी कुल लंबाई 176 किलोमीटर है और प्रवाह क्षेत्र 7.210 किसी. है।

मेंड्रा पहाड़ से निकली है हसदेव नदी: सोनहत ब्लॉक के पास लगभग 15 किमी की दूर स्थित मेंड्रा पहाड़ से हसदेव नदी का उद्गम है। पास ही एक तुर्रा है, जिससे निर्मल जल की धारा बहती है। लोगों ने उस स्थल पर पेड़ का खोखला तना डाल दिया है। इस जल स्त्रोत से निकली जल की धारा बाद में विशाल हसदेव नदी का रूप ले लेती है। जो खड़गवां व कोरबा आदि से गुजरकर महानदी में मिलती है। 

नामकरण –  
हसदेव नदी का नाम राजा हर्षदेव के नाम पर होना बताया गया है। क्षेत्र में यह क्विदंती प्रचलित है कि प्राचीन समय में राजा हर्षदेव ने नदी के पास डेरा डाला था और कई दिनों तक हसदेव नदी के तट पर विश्राम किया था। उनके नाम पर ही नदी का नाम पड़ा था। 

जलप्रपात

अमृतधारा जलप्रपात कोरिया का एक प्राकृतिक झरना है, जो हसदो नदी पर स्थित है। छत्तीसगढ़ में कोरिया भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान एक रियासत थी। पूरे भारत में कोरिया को प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यह जगह पूरे घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों और झरनों से भरी पड़ी है। अमृतधारा जलप्रपात कोरिया में सबसे प्रसिद्ध झरनो मे से एक है। कोरिया मे अमृतधारा झरना, एक बहुत ही शुभ शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस जगह के आसपास एक बहुत प्रसिद्ध मेला हर साल आयोजित किया जाता है। मेले का आयोजन रामानुज प्रताप सिंह जूदेव, जो कोरिया राज्य के राजा थे, ने वर्ष 1936 में किया गया था। महाशिवरात्रि के उत्सव के दौरान इस जगह मे मेले का आयोजन होता है, जिस दौरान यहाँ लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उपस्थित होती है।

सांस्कृतिक केंद्र- सर्वमंगला मंदिर :- यह स्थान कोरबा शहर में हसदेव नदी के तट पर है

एक सर्वे के अनुसार हसदेव नदी छत्तीसगढ़ की सबसे प्रदूषित नदी है। कारण कोरबा, चाम्पा , मनेन्द्रगढ़ जैसे औद्योगिक शहर है।

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