पर्यावरण संरक्षण के लिए

joharcg.com रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए नागरिकों से जन जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बन सकती है।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण, वन क्षेत्र में कमी और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने गंभीर संकट बनकर उभर रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण को अपनाने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने का संकल्प भी है। उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया।

श्री डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि युवा वर्ग इस दिशा में आगे आए और समाज को जागरूक करे, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा और जैव विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को प्रकृति ने विशेष सौगात दी है। इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि आर्थिक प्रगति के साथ प्राकृतिक विरासत भी सुरक्षित रह सके।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर वृक्षारोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना केवल सरकारी प्रयासों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। जन जागरूकता, जनभागीदारी और सतत प्रयासों के माध्यम से ही पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में श्री डेका ने सभी नागरिकों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से स्वच्छ, हरित और समृद्ध पर्यावरण का निर्माण संभव है।