joharcg.com छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने हाल ही में एक महाविद्यालय के दौरे के दौरान छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं के साथ खुलकर चर्चा की और उनके अनुभव, आकांक्षाओं तथा चुनौतियों को समझने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान रमेन डेका ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी, विशेष रूप से छात्राएं, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं।
राज्यपाल ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर छात्राएं नए अवसरों का लाभ उठा सकती हैं।

संवाद के दौरान छात्राओं ने भी अपने विचार और प्रश्न राज्यपाल के सामने रखे। शिक्षा, करियर, सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। राज्यपाल ने उनके सुझावों और चिंताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने छात्राओं को यह संदेश दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने आत्मविश्वास को कमजोर न होने दें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। साथ ही, समाज में समानता और सम्मान के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी राज्यपाल का स्वागत किया और संस्थान की उपलब्धियों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम ने छात्राओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
यह संवाद न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि छात्राओं के लिए अपने विचार साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ, जिससे उनके आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा को नई मजबूती मिली।
राज्यपाल श्री रमेन डेका आज यहां लोकभवन में संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर की छात्राओं से रूबरू हुए। उन्होंने शैक्षणिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन दिया और उनके प्रश्नों का उचित समाधान किया।
लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आयोजित कार्यक्रम में श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उसके बिना सफलता नहीं मिलती है। जीवन को पूर्ण करने के लिए योजना पूर्वक कार्य करना चाहिए। अच्छी योजना से जीवन भी अच्छा होगा।
लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम भी करना होगा। मानवीय गुणों का होना भी आवश्यक है और शिक्षा से ही इन गुणों का विकास होता है। श्री डेका ने कहा कि अपनी खुशी अपने अंदर होती है। दूसरों से तुलना कर दुखी ना रहे बल्कि जो अपने पास उपलब्ध है उससे संतुष्ट रहिए।
श्री डेका ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं का सर्वाेच्च स्थान है। उन्होंने नारी की तुलना पानी से करते हुए कहा कि पानी के बिना जीवन असंभव है, उसी तरह नारी के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। चर्चा के दौरान छात्राओं ने राज्यपाल से तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में कैसे बदलें, सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए क्या प्रयास करना चाहिए, कौशल एवं प्रशिक्षण का महत्व, देश व प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, उनके स्कूल एवं कॉलेज के जीवन की कोई प्रेरक घटना और छत्तीसगढ़ में उनकों सर्वाधिक क्या पसंद आया जैसे रोचक प्रश्न पूछे गए।

