joharcg.com महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रसारित किए जा रहे कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को प्रसारित किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं, विशेषकर स्व-सहायता समूहों से जुड़ी दीदियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
अधिकारियों के अनुसार ‘दीदी के गोठ’ का उद्देश्य सरल और संवादात्मक तरीके से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। छठवें एपिसोड में बैंक खाता संचालन, नियमित बचत की आदत, डिजिटल लेन-देन, बीमा योजनाएं, ऋण प्रबंधन और सरकारी वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से यह बताया जाएगा कि किस प्रकार महिलाएं छोटी-छोटी बचत और सही वित्तीय निर्णयों के जरिए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती हैं।

इस एपिसोड में सफल स्व-सहायता समूहों की दीदियां अपने अनुभव साझा करेंगी। वे बताएंगी कि किस तरह बैंक से जुड़ने, समय पर ऋण चुकाने और समूह के माध्यम से सामूहिक प्रयास करने से उनकी आय में वृद्धि हुई है। साथ ही, वित्तीय संस्थानों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे, जो आसान भाषा में बैंकिंग प्रक्रियाओं और योजनाओं की जानकारी देंगे।

कार्यक्रम निर्माताओं ने बताया कि ‘दीदी के गोठ’ को स्थानीय बोली और सहज शैली में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि महिलाएं बिना किसी संकोच के सवाल पूछ सकें और अपनी शंकाओं का समाधान पा सकें। प्रत्येक एपिसोड में वास्तविक जीवन के उदाहरणों और संवाद के जरिए जटिल वित्तीय विषयों को सरल बनाया जाता है।
छठवें एपिसोड में विशेष रूप से डिजिटल भुगतान और साइबर सुरक्षा पर भी चर्चा की जाएगी। बढ़ते ऑनलाइन लेन-देन के दौर में सुरक्षित तरीके से मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर उपयोगी सुझाव दिए जाएंगे। इससे महिलाओं को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने और आत्मविश्वास के साथ तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने बताया कि ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम न केवल जानकारी देने का माध्यम है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी करता है। कार्यक्रम के पिछले एपिसोड्स को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और कई महिलाओं ने इससे प्रेरित होकर बैंकिंग सेवाओं से जुड़ने की पहल की है।

