joharcg.com मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अम्बिकापुर प्रवास के दौरान भटगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व. पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें क्षेत्र के विकास का दूरदर्शी जननायक बताया।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): पंडित रविशंकर त्रिपाठी का भटगांव और सरगुजा अंचल के विकास में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उनकी प्रतिमा की स्थापना से स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं और यह नई पीढ़ी के राजनेताओं के लिए सेवा और समर्पण की प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
जनसेवा और सादगी के प्रतीक थे पंडित त्रिपाठी
अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडित रविशंकर त्रिपाठी ने अपना पूरा जीवन समाज के गरीब और वंचित वर्गों के उत्थान में समर्पित कर दिया। उन्होंने भटगांव विधानसभा के विधायक के रूप में क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को विधानसभा में मुखरता से उठाया और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने साझा किया कि उनकी सादगी और कार्यशैली आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य नागरिकों और त्रिपाठी परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस दौरान वातावरण ‘पंडित रविशंकर त्रिपाठी अमर रहे’ के नारों से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि महापुरुषों और समर्पित जनसेवकों की प्रतिमाएं हमें समाज के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाती हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पंडित रविशंकर त्रिपाठी चौक में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पंडित रविशंकर त्रिपाठी जी का जीवन जनसेवा, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनके विचारों और कर्मठता की जीवंत प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की दिशा दिखाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का योगदान हमें यह सिखाता है कि जनसेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है और इसी मार्ग पर चलकर हम एक सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं।

