मुख्यमंत्री साय

joharcg.com मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को वीर अमर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का कर्तव्य है। उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें सब-इंस्पेक्टर पुलिस दीपक भारद्वाज भी शामिल थे,

जिन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम और बलिदान को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा सक्ती जिले के शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष स्थापित की गई है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात आत्मीय और सम्मानपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें शहीद दीपक भारद्वाज के बलिदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीद राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल स्मृति कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और देश के लिए सकारात्मक कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को शहीद दीपक भारद्वाज के जीवन, उनके साहसिक कार्यों और देशसेवा से जुड़े योगदान की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने स्मृति समिति द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों तथा युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने के प्रयासों के बारे में भी अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि वीरों की भूमि रही है और यहां के युवाओं में देशसेवा की गहरी भावना विद्यमान है। उन्होंने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुलाकात के दौरान शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने, स्मारक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रेरक गतिविधियां संचालित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई पीढ़ी को शहीदों के जीवन से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि उनमें देश के प्रति कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।