joharcg.com छत्तीसगढ़ में वर्तमान दौर महिलाओं के लिए स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहा है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और आर्थिक सुधारों के चलते प्रदेश की लाखों महिलाएं अब न केवल घर की चारदीवारी से बाहर निकल रही हैं, बल्कि वे राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): महिला सशक्तिकरण का यह दौर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश में बड़ा सामाजिक बदलाव ला रहा है। महिलाओं के हाथ में सीधे नकदी पहुंचने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने से परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
महतारी वंदन और लखपति दीदी से मिली नई उड़ान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की विवाहित महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है। हर महीने सीधे बैंक खाते में पहुंचने वाली राशि ने महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही, स्व-सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण और ऋण सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
बस्तर से लेकर सरगुजा तक, महिलाएं अब मशरूम उत्पादन, हस्तशिल्प, और ई-रिक्शा संचालन जैसे क्षेत्रों में अपना लोहा मनवा रही हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 10 लाख से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिससे उनकी वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये सुनिश्चित हो सके।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब आंकड़ों में दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी गौरव वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को प्रारंभ इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की सहायता मिल रही है। अब तक 26 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 881 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, वहीं इस योजना के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

