joharcg.com कोलकाता में आयोजित प्रतिष्ठित ट्रैवल एंड ट्रेड फेयर (TTF) में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों के समक्ष राज्य की असीम पर्यटन संभावनाओं का बेहद प्रभावी प्रदर्शन किया है। इस भव्य ट्रेड फेयर में स्थापित किया गया छत्तीसगढ़ पवेलियन अपनी अनूठी जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और प्राकृतिक सौंदर्य की जीवंत झलक के कारण देश-विदेश के आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना रहा।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): यह भागीदारी छत्तीसगढ़ के स्थानीय पर्यटन उद्योग, गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मेले के दौरान हुई उच्च स्तरीय बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों से प्रदेश में बड़े निवेश का रास्ता साफ हुआ है, जिससे बस्तर, सरगुजा और चित्रकोट जैसे क्षेत्रों में नए विदेशी व घरेलू पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों से आए टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और होटल व्यवसायियों के साथ सघन चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के अनछुए प्राकृतिक स्थलों, प्राचीन मंदिरों, वॉटरफॉल्स और ईको-टूरिज्म सर्किट्स पर विशेष प्रेजेंटेशन दिया गया। बी2बी (B2B) बैठकों के माध्यम से कई बड़े ट्रैवल नेटवर्क्स ने छत्तीसगढ़ को अपने आगामी टूर पैकेजेस में शामिल करने के लिए गहरी रुचि दिखाई है।

पवेलियन में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए स्थानीय कलाकृतियों और बस्तर आर्ट का प्रदर्शन किया गया था। आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के खान-पान, पारंपरिक त्योहारों और कस्टमाइज्ड टूरिस्ट पैकेजेस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की पहचान और अधिक मजबूत हुई है।
कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित प्रतिष्ठित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF)-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने अपनी प्रभावी और आकर्षक सहभागिता दर्ज कराते हुए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है। 10 से 12 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ का विशेष थीम पर आधारित भव्य पवेलियन स्थापित किया गया है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): पूर्वी भारत का यह सबसे बड़ा पर्यटन बाजार छत्तीसगढ़ के लिए बेहद मायने रखता है क्योंकि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक हर साल छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। इस मंच के माध्यम से राज्य के 28 पंजीकृत टूर ऑपरेटर्स और होम-स्टे संचालकों को सीधे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने का मौका मिला है, जिससे स्थानीय रोजगार और ग्रामीण पर्यटन अर्थव्यवस्था को भारी बूस्ट मिलेगा।


