बाल विवाह मुक्त

joharcg.com Chhattisgarh में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत महिलाओं और ग्रामीण समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों तथा स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी रही। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह समाज के विकास में बड़ी बाधा है और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रावधानों और दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचित करना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भी बाल विवाह रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कई महिलाओं ने कहा कि वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगी। इस दौरान किशोरियों को शिक्षा जारी रखने, आत्मरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।

अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम और शपथ ग्रहण जैसे आयोजन भी किए गए, जिनके माध्यम से लोगों को बाल विवाह के खिलाफ प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शासन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाना है और इसके लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं और ग्रामीणों ने बाल विवाह रोकने तथा बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया। अभियान को लोगों का सकारात्मक समर्थन मिला और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।