अमित शाह

joharcg.com जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान यहां की प्रसिद्ध इमली का स्वाद चखा और उसकी जमकर सराहना की। इमली का स्वाद लेने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “बस्तर की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा है।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

बस्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति और वन उत्पादों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां की इमली को विशेष गुणवत्ता और स्वाद के कारण अलग पहचान मिली हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री को स्थानीय स्व-सहायता समूहों और वन धन समितियों द्वारा बस्तर के विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी दिखाई गई, जिसमें इमली, महुआ, कोदो-कुटकी, शहद और हस्तशिल्प उत्पाद प्रमुख रूप से शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर के वन उत्पादों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के लोग मेहनती और प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि इन्हें सही प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग मिले तो ये देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में केंद्रीय गृहमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और महिलाओं से उत्पाद निर्माण एवं विपणन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ऐसे समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी बस्तर की इमली को लेकर अमित शाह की टिप्पणी का स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस्तर की इमली अपने अनोखे स्वाद और गुणवत्ता के लिए लंबे समय से प्रसिद्ध रही है और अब राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे पहचान मिल रही है।

इस दौरान राज्य सरकार और प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री को बस्तर क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं, जनजातीय कल्याण कार्यक्रमों और वन उत्पाद आधारित रोजगार गतिविधियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

अमित शाह के इस दौरे और बस्तर के स्थानीय उत्पादों की सराहना से क्षेत्र के किसानों, महिला समूहों और वन उत्पाद से जुड़े लोगों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि इससे बस्तर के उत्पादों को देशभर में नई पहचान और बाजार मिल सकेगा।