AI अपनाने वाले

joharcg.com वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आने वाले समय में वैश्विक विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति, संस्थान और राज्य समय रहते एआई तकनीक को अपनाएंगे, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था, नवाचार और विकास का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को सीखने और डिजिटल कौशल विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते दौर में तकनीकी दक्षता ही सफलता की सबसे बड़ी पूंजी होगी।

उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, वित्तीय सेवाएं और प्रशासन जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत के युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकों में भी दक्ष बनें, ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

श्री चौधरी ने कहा कि एआई केवल एक नई तकनीक नहीं है, बल्कि यह कार्य करने के तरीके, निर्णय लेने की प्रक्रिया और उत्पादकता को पूरी तरह बदलने वाली क्रांति है। यदि इसका जिम्मेदारीपूर्वक और प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए तो शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बन सकती है। साथ ही उद्योगों में नवाचार, लागत में कमी और सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।

उन्होंने विद्यार्थियों और स्टार्टअप उद्यमियों से कहा कि वे एआई आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ें। नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का समाधान तैयार किया जा सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उनका कहना था कि आज दुनिया ऐसे युवाओं की तलाश कर रही है जो नई तकनीकों को समझते हों और उनका व्यावहारिक उपयोग करना जानते हों।

वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से भी पाठ्यक्रमों में एआई, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और उभरती डिजिटल तकनीकों को शामिल करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग नैतिक मूल्यों, डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। नई तकनीकों के लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें, इसके लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच समन्वय आवश्यक है।

श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि युवा नई तकनीकों को सीखने और नवाचार को अपनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेंगे, तो भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आज का समय परिवर्तन का है और जो लोग इस परिवर्तन को अवसर के रूप में स्वीकार करेंगे, वही आने वाले वर्षों में नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने युवाओं से सीखने की निरंतर प्रक्रिया बनाए रखने, नई तकनीकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और नवाचार को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। इसे अपनाने वाले ही आने वाले समय में विकास, रोजगार और तकनीकी नेतृत्व की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।