joharcg.com रायपुर। सुशासन तिहार-2026 के तहत आयोजित समाधान शिविर में प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए। इस अवसर पर श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब आम नागरिकों को उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना तथा नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। इस अभियान के माध्यम से लोगों की शिकायतों, मांगों और सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ सरलता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त हो। इसके लिए विभिन्न विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करें और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रहने दें।
समाधान शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रस्तुत कीं। इनमें राजस्व प्रकरण, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना और अन्य जनहित से जुड़े विषय प्रमुख रहे। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों का निराकरण किया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसेवा और जनविश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन को गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की संतुष्टि ही सुशासन का सबसे बड़ा मापदंड है और सरकार इसी दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सुशासन तिहार जैसी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। समाधान शिविर के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद तथा विश्वास को और मजबूती मिली है।
सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत आयोजित ऐसे शिविर प्रदेशभर में लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने और जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

