joharcg.com मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज आयोजित ‘अपनापन’ पुस्तक के विमोचन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं और साहित्य को समाज की संवेदनाओं तथा संस्कारों का सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पुस्तकों में जीवन के अनुभव, संस्कार और सामाजिक मूल्यों का समावेश होता है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ‘अपनापन’ जैसे शीर्षक अपने आप में मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में आपसी संवाद और आत्मीयता को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है। साहित्य इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि लेखक अपने अनुभवों और विचारों के माध्यम से समाज के सामने नई सोच प्रस्तुत करते हैं, जिससे लोगों को प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पुस्तक के लेखक की सराहना करते हुए कहा कि रचनात्मक लेखन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक पाठकों के बीच विशेष स्थान बनाएगी और लोगों को सामाजिक मूल्यों तथा रिश्तों की अहमियत समझाने में मददगार साबित होगी।

समारोह में उपस्थित साहित्यकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और पुस्तक की विषयवस्तु की प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसे आयोजन साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लेखक और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा साहित्य सृजन के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

