सुशासन तिहार

joharcg.com प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सुशासन तिहार आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न केवल लोगों की समस्याओं का निराकरण हो रहा है, बल्कि कई जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई उम्मीद भी जाग रही है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है सुश्री खोमीन कल्लो की, जिनके जीवन में ट्राइसाइकिल मिलने से आत्मनिर्भरता की नई राह खुल गई है।

सुश्री खोमीन कल्लो लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण दैनिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। घर से बाहर निकलना, आवश्यक कार्यों के लिए आना-जाना और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे स्वयं ट्राइसाइकिल खरीदने में सक्षम नहीं थीं। इससे उनका अधिकांश समय घर तक ही सीमित होकर रह जाता था।

सुशासन तिहार के दौरान आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। अधिकारियों ने उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। ट्राइसाइकिल मिलते ही खोमीन कल्लो के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। वर्षों से दूसरों पर निर्भर रहने वाली खोमीन अब अपने छोटे-छोटे कार्य स्वयं करने लगी हैं।

खोमीन कल्लो ने भावुक होकर बताया कि पहले उन्हें कहीं भी जाने के लिए परिवार के सदस्यों या आसपास के लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार असुविधा के कारण वे जरूरी काम भी नहीं कर पाती थीं। अब ट्राइसाइकिल मिलने के बाद वे आसानी से गांव में आ-जा सकती हैं और अपने दैनिक कार्य बिना किसी सहायता के कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सहायता उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

ग्रामीणों ने भी शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बन रहा है। शिविरों में अधिकारियों की मौजूदगी से लोगों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित निराकरण भी हो रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल किया जा रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है।

सुश्री खोमीन कल्लो की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन और जनहितकारी योजनाएं किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। सुशासन तिहार केवल समस्याओं के समाधान का अभियान नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में विश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता लौटाने का माध्यम भी बन रहा है।