सड़क दुर्घटनाओं

joharcg.com राज्य में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों को रोकने के लिए हर आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में कहा कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वित और प्रभावी कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि कई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां त्वरित सुधार कार्य किए जाएं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा बैरिकेड्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां सड़क निर्माण कार्य अधूरे हैं, उन्हें समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।

उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं, रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

बैठक में एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि दुर्घटना के बाद “गोल्डन ऑवर” में पीड़ितों को त्वरित उपचार मिलना चाहिए। इसके लिए अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। प्रमुख चौक-चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे तथा स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएं ताकि नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समय-समय पर समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।