भूमि संसाधन सचिव

joharcg.com भारत सरकार के भूमि संसाधन सचिव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव से सौजन्य भेंट कर विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर चर्चा की। राजधानी रायपुर में आयोजित इस बैठक में भूमि संसाधन प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था, ग्रामीण विकास योजनाओं तथा राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान भूमि संसाधन सचिव ने राज्य में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी और सरल बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे आम नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव ने राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व एवं भूमि प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण तथा किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

बैठक में भूमि उपयोग, भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ग्रामीण विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है और लोगों को सेवाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं।

भूमि संसाधन सचिव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से विकास योजनाओं को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भूमि प्रबंधन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल कर रहा है।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक को राज्य में भूमि प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य के बीच सहयोग से भविष्य में विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।