joharcg.com छत्तीसगढ़ में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” अब केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं रह गया है, बल्कि यह किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक जनआंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इस पहल ने गांव-गांव में नई उम्मीद जगाई है।
सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विभाग की टीमें और पंचायत प्रतिनिधि सीधे गांवों में पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं। वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरण, भूमि संबंधी विवाद, सिंचाई की समस्याएं और किसान योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। इससे किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
इस वर्ष के आयोजन में सबसे अधिक ध्यान किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर दिया गया। सरकार ने धान खरीदी, न्यूनतम समर्थन मूल्य, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी और फसल बीमा जैसी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई। कई किसानों को मौके पर ही किसान क्रेडिट कार्ड, बीज वितरण और कृषि अनुदान से जुड़ी स्वीकृतियां प्रदान की गईं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। कई गांवों में नए बोरवेल, तालाब गहरीकरण और नहर मरम्मत के कार्यों को मंजूरी मिली। किसानों का कहना है कि यदि पानी की उपलब्धता बेहतर होगी तो खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। यही कारण है कि सुशासन तिहार को किसान “समाधान का उत्सव” कह रहे हैं।
तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती, ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती और उन्नत बीजों के उपयोग की जानकारी दी। युवाओं को कृषि स्टार्टअप और कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ी है।
महिलाओं की भागीदारी भी इस बार विशेष रूप से देखने को मिली। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाओं से जोड़ने की पहल की गई। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कई किसानों ने बताया कि पहले उनकी शिकायतें महीनों तक लंबित रहती थीं, लेकिन अब अधिकारी गांव में आकर सीधे समाधान दे रहे हैं। इससे शासन के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी तरह योजनाओं का लाभ जमीन स्तर तक पहुंचता रहा, तो आने वाले वर्षों में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
सुशासन तिहार 2026 ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार और प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं, तो योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक तेजी से पहुंचता है। किसानों के लिए यह अभियान किसी वरदान से कम नहीं है, जिसने विकास, विश्वास और समाधान का नया रास्ता खोला है।

