joharcg.com गांव की सादगी, आम के पेड़ों की ठंडी छांव और महिलाओं के आत्मविश्वास से भरे चेहरे—यह दृश्य उस समय प्रेरणा का केंद्र बन गया, जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का नया मंत्र दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय केवल छोटे सपने देखने का नहीं है, बल्कि महिलाओं को “करोड़पति दीदी” बनने की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आज खेती, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत और आत्मविश्वास गांवों की तस्वीर बदल रहे हैं।

आम के पेड़ों की छांव में आयोजित इस आत्मीय संवाद में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से उनके अनुभव भी साझा किए। कई महिलाओं ने बताया कि कैसे छोटे स्तर से शुरू किए गए कार्य आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुके हैं। किसी ने मशरूम उत्पादन से सफलता हासिल की, तो किसी ने गोबर पेंट, जैविक खाद और हस्तनिर्मित उत्पादों के जरिए आर्थिक मजबूती प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले महिलाएं सीमित संसाधनों में परिवार चलाने तक ही खुद को सीमित समझती थीं, लेकिन अब वे उद्यमिता की नई मिसाल बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे रोजगार देने वाली शक्ति बन सकें।

उन्होंने महिला समूहों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि लगन और सही दिशा मिले तो गांवों की महिलाएं भी बड़े उद्योगों की तरह सफलता हासिल कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लाखपति दीदी की अवधारणा तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन आने वाले समय में महिलाएं करोड़पति दीदी बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगी।
कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

ग्रामीण महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उन्हें आत्मविश्वास मिला है। अब वे आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ परिवार और समाज में भी सम्मानजनक पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज के विकास का आधार है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी गांव, समाज और राज्य भी समृद्ध बनेगा। आम की छांव में हुआ यह संवाद महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला प्रेरणादायक अवसर बन गया।

