joharcg.com राज्य में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पत्थलगांव–कुनकुरी सड़क की मरम्मत कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई है। लंबे समय से जर्जर स्थिति में पड़ी इस सड़क के सुधार की मांग स्थानीय लोगों द्वारा लगातार की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद संबंधित विभाग ने कार्य को प्राथमिकता देते हुए तेजी से मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
वर्तमान में सड़क पर गड्ढों की मरम्मत, डामरीकरण और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आमजन को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
इस सड़क का महत्व क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से काफी अधिक है, क्योंकि यह कई गांवों और कस्बों को जोड़ने का प्रमुख मार्ग है। सड़क के सुधार से न केवल दैनिक आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय निवासियों ने सड़क मरम्मत कार्य में आई तेजी पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि लंबे समय बाद प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है।
प्रशासन का कहना है कि राज्यभर में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पत्थलगांव–कुनकुरी मार्ग का उन्नयन भी प्राथमिकता में शामिल है। आने वाले समय में इस मार्ग के पूरी तरह दुरुस्त होने से लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देश के बाद पत्थलगांव से कुनकुरी के बीच अपूर्ण सड़क भाग के मरम्मत कार्य में अब आई तेजी। विगत दिवस बलरामपुर में आयोजित सरगुजा संभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस सड़क की खराब स्थिति और मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि अपूर्ण सड़क के कारण आमजन को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए इस मार्ग का शीघ्र सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता में रखा गया है।

