बोरे बासी

joharcg.com रायपुर। मुख्यमंत्री श्री साय ने एक बार फिर अपनी सादगी और जनसरोकारों से जुड़े होने का परिचय दिया। निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां काम कर रहे श्रमिकों के साथ बैठकर पारंपरिक भोजन ‘बोरे बासी’ और ‘आमा चटनी’ का स्वाद लिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए खास और यादगार बन गया।

दरअसल, मुख्यमंत्री क्षेत्र के दौरे पर थे और पंचायत भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसी बीच वहां कार्यरत श्रमिकों ने आत्मीयता से मुख्यमंत्री को अपने साथ भोजन करने का न्योता दिया।

मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के इस निमंत्रण को स्वीकार किया और श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठकर उनके साथ भोजन किया। उन्होंने ‘बोरे बासी’ और ‘आमा चटनी’ का स्वाद लेते हुए श्रमिकों से बातचीत की और उनके कामकाज, मजदूरी तथा अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का परिश्रम ही विकास की नींव है। उन्होंने श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

श्रमिकों ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार को बेहद सराहा और कहा कि उन्होंने पहली बार किसी बड़े जनप्रतिनिधि को इस तरह उनके बीच बैठकर भोजन करते देखा है। इससे उनका मनोबल बढ़ा है और उन्हें सम्मान का एहसास हुआ है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि जनप्रतिनिधि जब आम लोगों के बीच जाकर उनसे जुड़ते हैं, तो विश्वास और अपनापन मजबूत होता है। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल सादगी का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि विकास के केंद्र में आम आदमी ही है।

सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।