बिरहोर जननायक

joharcg.com मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन संघर्षों पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। यह पुस्तक अत्यंत पिछड़ी जनजाति (PVTG) बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जागेश्वर यादव की जीवन यात्रा को रेखांकित करती है।

क्यों महत्वपूर्ण है (लोकल इम्पैक्ट): जशपुर के जंगलों से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाले जागेश्वर यादव की कहानी छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह पुस्तक न केवल बिरहोर समाज की सांस्कृतिक पहचान को संजोएगी, बल्कि उनके हक की लड़ाई और विकास की गाथा को वैश्विक पटल पर रखेगी।

बिरहोरों के ‘भाई’ की प्रेरक कहानी

पुस्तक विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जागेश्वर यादव ने तब काम शुरू किया था जब बिरहोर समुदाय बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर था। उन्हें ‘जशपुर का भाई’ कहा जाता है, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बंधुआ मजदूरी से मुक्ति दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी कृतियां आने वाली पीढ़ियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित करती हैं।

स्वयं पद्मश्री जागेश्वर यादव ने इस अवसर पर अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे शून्य से शुरू हुआ यह सफर आज एक बड़े बदलाव के रूप में दिख रहा है। पुस्तक में उनके द्वारा किए गए टीकाकरण अभियान, साक्षरता प्रयासों और बिरहोर परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के चुनौतीपूर्ण किस्सों का संकलन किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।