joharcg.com छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित परंपरा को प्रदर्शित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की सुंदर कलाकृति भेंट की। यह भेंट न केवल एक कलात्मक प्रस्तुति थी, बल्कि राज्य की आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक भी रही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को ‘भगवान श्रीराम का ननिहाल’ कहा जाता है, क्योंकि माता कौशल्या का जन्म यहां हुआ था। इस कारण राज्य की संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन में श्रीराम के आदर्शों की गहरी छाप दिखाई देती है। ‘माता कौशल्या के राम’ की यह कलाकृति उसी सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करती है।
उन्होंने बताया कि बेल मेटल (ढोकरा कला) छत्तीसगढ़ की पारंपरिक और प्राचीन शिल्प कला है, जिसे स्थानीय कारीगरों द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित किया जा रहा है। इस कलाकृति को बनाने में भी पारंपरिक तकनीकों और स्थानीय शिल्पकारों की मेहनत झलकती है। यह राज्य के कारीगरों की प्रतिभा और कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष भेंट के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोककला की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलाकृतियां देश की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लोककला और शिल्पकारों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, विपणन और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे अपनी कला को आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की संस्कृति, परंपरा और लोककला भी इसकी बड़ी ताकत हैं। इनका संरक्षण और प्रचार-प्रसार राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस भेंट ने न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों और उनकी कला को भी सम्मान दिलाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है।

