joharcg.com आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों के प्रभावी उपयोग से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और तकनीक आधारित प्रक्रियाओं ने न केवल विभागीय कार्यों को सरल बनाया है, बल्कि पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी काफी बढ़ाई है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यवसायियों का भरोसा भी आबकारी व्यवस्था पर मजबूत हुआ है।
विभाग द्वारा लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण, शुल्क भुगतान और विभिन्न अनुमतियों की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। पहले जहां इन कार्यों में समय अधिक लगता था और कागजी प्रक्रियाओं के कारण असुविधा होती थी, वहीं अब डिजिटल माध्यम से यह कार्य तय समय सीमा में और सुचारु रूप से पूरे हो रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुई हैं।
आबकारी विभाग ने शराब उत्पादन, भंडारण और बिक्री की निगरानी के लिए आधुनिक ट्रैकिंग और डेटा एनालिटिक्स सिस्टम को अपनाया है।

इससे प्रत्येक स्तर पर गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी संभव हो पाई है। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी प्रकार की अनियमितता का तुरंत पता लगाया जा सकता है और आवश्यक कार्रवाई समय पर की जा रही है।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से राजस्व संग्रह में भी पारदर्शिता आई है। सभी भुगतान सीधे ऑनलाइन माध्यम से होने के कारण नकद लेन-देन की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि सरकारी आय के आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित हुई है।
विभाग ने आम जनता की सुविधा के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज कर सकते हैं और उनकी स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। इससे जवाबदेही बढ़ी है और समस्याओं के समाधान में भी तेजी आई है।

आबकारी अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के उपयोग से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ कार्यकुशलता भी बढ़ी है। कर्मचारियों को भी डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे नई प्रणालियों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
सरकार का उद्देश्य है कि तकनीक के माध्यम से सुशासन को और मजबूत किया जाए। आबकारी विभाग में अपनाई गई ऑनलाइन व्यवस्थाएं इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं। आने वाले समय में और अधिक आधुनिक तकनीकों को शामिल कर विभागीय सेवाओं को और बेहतर बनाने की योजना है।

