joharcg.com राजस्थान के धौलपुर जिले के सरानीखेड़ा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां शादी से ठीक पहले एक युवती ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना का कारण दहेज के रूप में 180 सीसी पल्सर मोटरसाइकिल की मांग बताई जा रही है. जब युवती के होने वाले पति ने यह शर्त रखी कि यदि उसे यह बाइक नहीं दी गई, तो शादी नहीं होगी. इसके बाद मानसिक तनाव में आकर युवती ने आत्महत्या कर ली. इस घटना से खुशियों से भरा माहौल मातम में बदल गया.
जानकारी के मुताबिक, रघुवीर सिंह जाटव की बेटी 20 वर्षीय रूबी की सगाई धौलपुर जिले के पिपेहरा गांव निवासी रवि से हुई थी. दोनों की शादी 1 मार्च 2025 को तय थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था. गुरुवार को रूबी के परिजन शादी का सामान खरीदने बाजार गए हुए थे. इसी दौरान उसके होने वाले पति रवि ने रूबी के पिता से 180 सीसी पल्सर बाइक देने की मांग रख दी.
रघुवीर सिंह ने जब एजेंसी पर जाकर बाइक के बारे में पता किया तो वह उपलब्ध नहीं थी. इस पर उन्होंने रवि को दूसरी बाइक देने का सुझाव दिया, लेकिन रवि ने साफ मना कर दिया. इसके बाद उसने कहा कि मुझे 180 सीसी पल्सर ही चाहिए, अन्यथा शादी नहीं होगी. रवि ने इसके बाद रूबी को फोन कर पिता से बाइक लेने को कहने का दबाव बनाया.
साथ ही शादी तोड़ने की धमकी दी. यह बात सुनकर रूबी मानसिक अवसाद में चली गई और उसने गुरुवार शाम को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जब परिजन घर लौटे तो रूबी को फंदे पर लटका देख उनके होश उड़ गए. शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और घर में चीख-पुकार मच गई.
पुलिस ने किया मामला दर्ज, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पचगांव चौकी प्रभारी अरुण शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया. शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर रवि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
दहेज हत्या या आत्महत्या? पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने बताया कि रवि और उसके परिवार के खिलाफ दहेज मांगने और मानसिक प्रताड़ना देने का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है कि क्या यह आत्महत्या दहेज की मांग के कारण हुई या इसमें कोई और कारण भी शामिल है.
शादी के पहले अक्सर दूल्हा-दुल्हन के बीच कुछ शर्तें और समझौते तय होते हैं, लेकिन एक मंगेतर ने अपनी शादी से पहले कुछ ऐसी शर्त रखी, जिसे लड़की ने बर्दाश्त नहीं किया और उसने रिश्ता तोड़ दिया। यह मामला हरियाणा के एक शहर का है, जहां मंगेतर ने लड़की से यह शर्त रखी थी कि शादी के बाद वह अपनी नौकरी छोड़ देगी और घर के कामों में ही व्यस्त रहेगी। इस शर्त ने लड़की को गहरा आघात पहुँचाया और उसने तुरंत इस रिश्ते को खत्म करने का फैसला लिया।
लड़की का कहना है कि वह एक आत्मनिर्भर महिला है और उसने अपनी शिक्षा और करियर में काफी मेहनत की है। उसके लिए यह शर्त स्वीकार करना असंभव था, क्योंकि उसने अपनी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को हमेशा प्राथमिकता दी है। मंगेतर की शर्तों ने उसे आहत किया, और उसने खुद को किसी भी तरह की दबाव में नहीं डालने का निर्णय लिया।
लड़की के परिवार ने भी उसकी निर्णय का समर्थन किया और उसे अपनी जिंदगी में किसी भी तरह की बाधा से मुक्त रहने की सलाह दी। समाज में इस घटना के बारे में चर्चा हो रही है और यह दर्शाता है कि आज की महिलाएं अपनी पहचान और आत्मसम्मान को लेकर कितनी संवेदनशील हो चुकी हैं।
लड़की ने अपने फैसले को लेकर कहा, “मैंने अपनी शिक्षा और करियर में जो कुछ भी हासिल किया है, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं किसी भी हाल में अपने सपनों और आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकती।”
यह घटना महिलाओं के अधिकारों और उनके आत्मसम्मान की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। समाज में अब महिलाएं अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं और अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए किसी भी तरह के दबाव को नकार रही हैं।