joharcg.com दिल्ली विधानसभा के चुनावी परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर भारी पड़ गई। साल 2012 के आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी (AAP) पहली बार दिल्ली में विधानसभा का चुनाव हारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी भाषणों में केजरीवाल की पार्टी को ‘आप-दा’ कह कर संबोधित किया था। आम आदमी पार्टी को दिल्ली के लोगों को खतरा बताया था। वहीं, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP)

27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने जा रही है।  
केजरीवाल और सिसोदिया समेत ये नेता हारे चुनाव
आज आए चुनावी नतीजों में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सत्तारूढ़ दल के कई अन्य प्रमुख नेता चुनाव हार गए हैं। दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और सौरभ भारद्वाज भी पीछे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर एक बजे तक आए रुझानों में भाजपा दिल्ली की 70 में से 48 सीट पर निर्णायक बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है,

जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीट पर सिमटने के कगार पर है।
साल 1993 में जीती थी बीजेपी
दिल्ली में पांच फरवरी को हुए चुनाव में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया था। बीजेपी ने 1993 में दिल्ली में सरकार बनाई थी। उस चुनाव में उसे 49 सीट पर जीत मिली थी। अन्ना आंदोलन से नेता के रूप में उभरे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने 2015 में 67 सीट जीतकर सरकार बनाई और 2020 में 62 सीट जीतकर सत्ता में धमाकेदार वापसी की थी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 27 साल बाद दिल्ली में कमल खिला है। यह भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 27 वर्षों से दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) का शासन था। इस चुनाव परिणाम ने दिल्ली की राजनीतिक धारा को पूरी तरह से बदल दिया है।

भा.ज.पा. के उम्मीदवारों ने कई विधानसभा क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया, और पार्टी को दिल्ली विधानसभा में बहुमत मिला। इस जीत के साथ ही भाजपा ने दिल्ली की सत्ता में पुनः प्रवेश किया है, जो पिछले दो दशकों से विपक्षी पार्टी के हाथ में थी। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता पूरे राज्य में जश्न मना रहे हैं, मिठाइयां बांट रहे हैं, और इस ऐतिहासिक जीत को सेलिब्रेट कर रहे हैं।

भा.ज.पा. के वरिष्ठ नेताओं ने इस जीत को नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सफलता के रूप में पेश किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस जीत पर दिल्ली के लोगों का आभार व्यक्त किया और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। पार्टी का कहना है कि यह जीत दिल्ली की जनता की आशाओं और उम्मीदों को प्रतिबिंबित करती है, और भाजपा ने दिल्ली में विकास और सुशासन का वादा किया है।

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हार को स्वीकार करते हुए दिल्लीवासियों का धन्यवाद किया और कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत का सामना करना पड़ता है। हालांकि, उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और आगामी दिनों में और मेहनत करने का संकल्प लिया।

दिल्ली में भाजपा की यह जीत न केवल राजधानी में राजनीति के नए समीकरणों का संकेत देती है, बल्कि पूरे देश में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और उसकी राजनीतिक पकड़ को भी दर्शाती है।

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